देश

Murderer Express: हटिया एक्सप्रेस बन गयी हत्यारा एक्सप्रेस, जाने आगे क्या हुआ

Murderer Express : भारत की रेल व्यवस्था बहुत ही उम्दा व्यवस्था मानी जाती है। भारतीय रेल को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है। जो एक जगह से दूसरे जगह जोड़ने में समर्थ होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर दिन 8702 पैसेंजर और रोजाना 13523 ट्रेन चलती हैं औसतन एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह कहा गया है, कि 2.31 करोड़ लोगों को एक जगह से दूसरी जगह हर ट्रैन की मदद से सफर करते है।

भारत देश में अगर रेलवे में एक छोटी सी भी गलती होती है, तो उसका खामियाजा बहुत बड़ा भुगतना पड़ता है। ऐसे ही एक गलती रेलवे डिपार्टमेंट से हुई, जहां पर एक रेलवे यानी की ट्रेन का नाम बदलकर मर्डर एक्सप्रेस हो गया था। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना मर्डर एक्सप्रेस होने की वजह से यह इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है इन दिनों।

रिपोर्ट्स की माने तो यह मामला मलयालम भाषा के ट्रांसलेशन की हुई गड़बड़ी की वजह से हुई है दरअसल हटिया से एर्नाकुलम को जाने वाली एक ट्रेन का नाम गूगल ने ट्रांसलेट करके मर्डर बना दिया। इस ट्रांसलेशन को लेकर लोगों में अलग आक्रोश बन गया। और इंटरनेट पर काफी वायरल हो गया। जिसके बाद से रेलवे डिपार्टमेंट ने अपनी गलती मानते हुए इस चीज का सुधार किया।

क्या है पूरा मामला

दर्शन एक रेलवे जिसका नाम हटिया एर्नाकुलम एक्सप्रेस है। जो कि झारखंड की राजधानी रांची के नजदीक स्थित शहर हटिया को केरल के एर्नाकुलम से जोड़ती है। इस ट्रेन को “धरती आबा एक्सप्रेस” के भी नाम से जाना जाता है। जिस वजह से इस ट्रेन को हिंदी, इंग्लिश तथा मलयालम भाषा में भी लिखा गया है। मलयालम भाषा में इस ट्रेन को “कोलापाठ्य” का नाम दिया गया था। जिसका अर्थ होता है मर्डरर का मतलब होता है। जिस वजह से इसका ट्रांसलेशन हटिया एक्सप्रेस से हत्यारा एक्सप्रेस हो गया।

रेलवे ने गलती को सुधार

इस ट्रांसलेशन के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद रेलवे डिपार्टमेंट ने अपनी गलती को माना। और इस पर सुधार किया अधिकारियों की पूछताछ से पता चला कि, गलती हिंदी शब्द हत्या को लेकर भ्रम की वजह से हुई है। रेलवे अधिकारियों ने अपनी गलती को मानकर तुरंत एक्शन लिया,और हटिया एक्सप्रेस में लिखे मलयालम शब्द को पीले रंग से ढक दिया। सूत्रों की माने तो अधिकारियों ने कहा कि इस गलती एवं घटना को संगीत तौर पर लेकर, इस पर तुरंत एक्शन लिया गया।

Related Articles

Back to top button