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मुबई: ‘लालपरी’ कोड वर्ड, 20 लाख की रंगदारी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में बदमाशों को पकड़ा

मुंबई के विलेपार्ले के एक ज्वेलर्स कारोबारी को खुद को Lawrence Bishnoi Gang का सदस्य बताकर व्हॉट्सऐप के जरिए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इन लोगों को अंधेरी कोर्ट में 21 फरवरी तक पुलिस रिमांड के तहत पेश किया जाएगा। आरोपियों को लोकमान्य तिलक टर्मिनस (कुर्ला) से 5 लाख रुपये नगद के साथ दबोचा गया है।

मैसेज भेजकर मांगी 20 लाख की रंगदारी

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता जो विलेपार्ले पूर्व में ज्वेलरी शॉप चलाते हैं, को 12 फरवरी 2026 से व्हॉट्सऐप पर धमकी भरे संदेश मिल रहे थे। संदेशों में 20 लाख रुपये की मांग की गई थी और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। बाद में सौदेबाजी के बाद 5 लाख रुपये में डील तय हुई।

रंगदारी कम करने को भी मान गए बदमाश

15 और 16 फरवरी को लगातार कॉल और संदेशों के जरिए आरोपियों ने रकम तैयार रखने को कहा। 16 फरवरी को दोपहर 2 बजे कुर्ला टर्मिनस पर पैसे पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कारोबारी ने अपने दो कर्मचारियों को 5 लाख रुपये एक बैग में देकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस के पार्किंग परिसर स्थित हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास खड़ा रहने को कहा।

‘लालपरी’ था कोड वर्ड

फिर शाम करीब 4:30 बजे कॉलर ने बताया कि उसका आदमी ‘लालपरी’ कोड वर्ड बताएगा। कुछ देर बाद चार संदिग्ध युवक वहां पहुंचे। पहले टोह लेने के बाद दो युवकों ने ‘लालपरी’ कोड वर्ड बोला और कर्मचारियों से पैसों से भरा बैग ले लिया।

सादी वर्दी में तैनात पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा

वहां, पहले से सादी वर्दी में तैनात पुलिस टीम ने आरोपियों का करीब 200 मीटर तक पीछा किया और उन्हें ऑटो में बैठकर भागने की कोशिश करते समय दबोच लिया। तलाशी में 5 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद हुए।

इम्तियाज और वशीर के कहने पर ली रकम

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक नरेंद्र डंगोल, माजिद साजिद खान, फैजान फिरोज खान और साहिल इलियाज शेख के रूप में हुई है। एक आरोपी के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने इम्तियाज और वशीर नामक व्यक्तियों के कहने पर रकम लेने की बात कबूल की है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है।

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