देशबड़ी खबर

Surendra Koli News : निठारी कांड में बरी सुरेंद्र कोली का हरिद्वार में मिला शव, चाय की दुकान में फंदे से लटकी मिली लाश

उत्तराखंड के हरिद्वार से एक सनसनीखेज खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में चर्चित निठारी कांड से जुड़े आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसका शव हरिद्वार के सप्त सरोवर क्षेत्र में लालमाता मंदिर के पास स्थित चाय की दुकान में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। बता दें कि निठारी कांड मामले में सुरेंद्र कोली दिसंबर 2025 में आरोपों से बरी होने के बाद जेल से रिहा हुआ था।

चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोली पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था। इसी चाय की दुकान में रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला। सूचना मिलते ही सप्तऋषि पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

जानिए क्या बोली पुलिस

मामले में शहर कोतवाल कुंदन सिंह का कहना है कि मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई है, जो निठारी मामले में आरोपी रहा था। मौके पर पुलिस मौजूद है और घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने किया था बरी

निठारी कांड के अंतिम लंबित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर 2025 को सुरेंद्र कोली की दोषसिद्धि रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था। जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने उसकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए 2011 के उस फैसले को वापस लिया, जिसमें उसकी दोषसिद्धि और मौत की सजा बरकरार रखी गई थी। बाद में यह सजा उम्रकैद में बदल दी गई थी। कोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया था, बशर्ते किसी अन्य मामले में उसकी जरूरत न हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, कोली 12 अन्य मामलों में पहले ही बरी हो चुका था। जुलाई 2025 में शीर्ष अदालत ने उन मामलों में उसकी और मोनिंदर सिंह पंढेर की बरी होने की स्थिति को बरकरार रखा था। इसके बाद नवंबर 2025 में अंतिम लंबित मामले में भी कोली को राहत मिली।

2006 में सामने आया था निठारी कांड

निठारी कांड वर्ष 2006 में सामने आया था। नोएडा के निठारी क्षेत्र में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिलने के बाद यह मामला देशभर में सुर्खियों में आया। इसके बाद पुलिस और सीबीआई ने मामले की जांच की और मोनिंदर सिंह पंढेर तथा उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। कोली पर हत्या, दुष्कर्म और अपहरण समेत गंभीर आरोप लगाए गए थे। उसके खिलाफ कुल 13 मामलों में मुकदमे चले। इनमें से 12 मामलों में वह बरी हो चुका था। अंतिम मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में उसकी दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था।

Related Articles

Back to top button