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कारगिल विजय दिवस के मौके पर द्रास में गरजे राजनाथ सिंह, PM मोदी का भी सामने आया बयान

नई दिल्ली: ​कारगिल विजय दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्रास में गरजे और पाकिस्तान पर निशाना साधा। द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “कारगिल युद्ध भारत के लिए सिर्फ़ सैन्य और कूटनीतिक जीत नहीं थी। यह वह पल था जब पूरी दुनिया ने भारतीय सैनिकों के अटूट साहस और वीरता को देखा। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की वीरता ने ऐसा इतिहास रचा जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारे बहादुर सैनिकों ने हमेशा असाधारण वीरता और साहस दिखाया है। हमने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की पहली वर्षगांठ मनाई। इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे बहादुर सैनिकों और अधिकारियों ने आतंकवादियों और उनके आकाओं को ऐसा करारा जवाब दिया जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। भारत में पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का जवाब उससे कहीं ज़्यादा कड़े तरीके से देने की क्षमता है, जितना वे सोच भी नहीं सकते। मैं इस मंच से एक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं कि भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने वाली हर नापाक हरकत का यही अंजाम होगा।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “इस युद्ध स्मारक में आपको पूरा भारत दिखाई देगा। इन शहीदों में आपको हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, तमिलनाडु और देश के हर हिस्से के लोगों के नाम मिलेंगे। आपको उन लोगों के नाम भी मिलेंगे जो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च जाते थे। जो लोग इस देश को तोड़ने का सपना देखते हैं, उन्हें इस दीवार को देखना चाहिए। यह दीवार ही भारत को बांटने के उनके सपनों का जवाब है।”

राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा इरादा साफ है। पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। अगर कोई बातचीत होगी, तो वह सिर्फ़ PoK पर होगी, जो भारत का हिस्सा है और जिस पर पाकिस्तान ने ग़ैर-क़ानूनी कब्ज़ा कर रखा है। अभी पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बना लिया है और वहां सेना और उग्रवादियों के बीच का फर्क पूरी तरह खत्म हो गया है। सेना न सिर्फ आतंकवादी संगठनों की सुरक्षा करती है, बल्कि उनके साथ मिलकर काम भी करती है। इसलिए, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने साफ कर दिया था कि भारत अब आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों को अलग-अलग नजरिए से नहीं देखेगा।”

राजनाथ सिंह ने कैप्टन विक्रम बत्रा का किया जिक्र

राजनाथ सिंह ने कहा, “कैप्टन विक्रम बत्रा ने कहा था, ‘ये दिल मांगे मोर’। हमारे सैनिकों का यही स्वभाव है। पूरी दुनिया को यह समझना चाहिए, और हमारे पड़ोसी को भी यह समझना चाहिए। जब ​​हमारी सरकार सत्ता में आई, तो भारत अपने रक्षा उपकरणों का 65-70% आयात करता था। आज, हमारे लगभग 65% रक्षा उपकरण भारत में ही बनते हैं। आज हमारे सैनिक स्वदेशी रूप से विकसित ‘आकाशतीर’ एयर डिफेंस कंट्रोल सिस्टम, अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, प्रचंड और ध्रुव जैसे स्वदेशी हेलीकॉप्टर, तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट, अर्जुन टैंक और आधुनिक ड्रोन व काउंटर-ड्रोन सिस्टम से लैस हैं। भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, INS विक्रांत, भी भारतीय नौसेना में शामिल हो चुका है। लेकिन दिल अभी और चाहता है। हम यहीं नहीं रुकेंगे। हम भारत में और भी एडवांस्ड हथियार, अगली पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट, पनडुब्बियां और मिसाइलें विकसित करने के लिए काम करते रहेंगे।”

राजनाथ सिंह ने कहा, “सरकार की ओर से मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भारत के सैनिकों का कल्याण और हमारे देश की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं। वह समय बीत चुका है जब दिल्ली में बैठे लोग सशस्त्र बलों को प्राथमिकता नहीं देते थे। आज दिल्ली में ऐसी सरकार है जो सशस्त्र बलों को भारत की सुरक्षा के हित में निर्णायक कार्रवाई करने की आज़ादी देती है। ऐसा नहीं है कि पहले हमारे सशस्त्र बलों में क्षमता की कमी थी। वे तब भी ताकतवर थे। बस राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी। इस मंच से मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है और न ही भविष्य में होगी। हम जानते हैं कि जब तक आप हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और देश की सुरक्षा कर रहे हैं, तब तक किसी में भी भारत पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत नहीं होगी।”

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा था, “कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी वीर सैनिकों को शत-शत नमन। वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर असाधारण पराक्रम का परिचय देने वाले सभी वीर सैनिकों के प्रति देशवासी सदैव कृतज्ञ एवं ऋणी रहेंगे। भारतीय सेना का अदम्य साहस, त्याग और अटूट संकल्प आने वाली पीढ़ियों को देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के लिए सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा देता रहेगा।”

पीएम मोदी ने क्या कहा?

कारगिल विजय दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है। पीएम मोदी ने कहा, “कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। बेहद मुश्किल हालात में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

अमित शाह ने क्या कहा?

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और अद्भुत पराक्रम का प्रतीक है। वर्ष 1999 में हिमालय की दुर्गम बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों और शत्रु के ऊंचाई पर स्थित मोर्चों के बावजूद, हमारे वीर जवानों ने ‘ऑपरेशन विजय’ के माध्यम से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। ‘कारगिल विजय दिवस’ पर उन सभी वीर सपूतों का स्मरण कर नमन करता हूं, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर देश की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखा।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी दी देश को बधाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “कारगिल विजय दिवस पर हमारे वीर सैनिकों, उनके परिवारों और समस्त देशवासियों को बधाई। कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे अमर वीरों को हम श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उनका अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। जय हिंद।”

राहुल गांधी क्या बोले?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।”

बता दें कि बीते साल कारगिल विजय दिवस के मौके पर कैप्टन विक्रम बत्रा के भाई का बयान सामने आया था और उन्होंने कहा था कि उसके बारे में हर दिन सोचता हूं।

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