
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की प्राथमिकताओं के क्रम में फोरेंसिक क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार को प्रोफेसर (डॉ.) आदर्श कुमार ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश के निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण किया।
डॉ. आदर्श कुमार, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर रहे हैं। वे विधि विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद् हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में लगभग तीन दशकों का अनुभव प्राप्त है। वे सीबीआई और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मेडिको लीगल के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे विश्व के अकेले ऐसे वैज्ञानिक हैं जिन्हें राष्ट्रमंडल फैलोशिप दो बार प्राप्त हुआ और इस दौरान उन्होंने स्कॉटलैंड पुलिस के साथ कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त किया।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत डॉ. आदर्श कुमार ने अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) लखनऊ नवीन अरोरा (आईपीएस) से भेंट की। इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, प्रदेश की 12 क्रियाशील प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद, नई तकनीकों के उपयोग, रिक्त पदों की पूर्ति, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति और ऑडिट आपत्तियों के समाधान जैसे अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोरा ने डॉ. आदर्श कुमार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और प्रयोगशालाओं को सफलता की नई दिशा में अग्रसर करने के लिए बधाई दी।
निदेशक पद का कार्यभार संभालते हुए डॉ. आदर्श कुमार ने कहा कि उनका लक्ष्य प्रयोगशाला को तकनीकी उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है। उनका मुख्य फोकस अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर रहेगा, ताकि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और अधिक मजबूत किया जा सके।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सभी ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं निरंतर नई उपलब्धियाँ हासिल करेंगी और अपराध नियंत्रण एवं न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी।




