
राज्य सरकार श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर सभी 75 जिलों में सप्ताहभर के श्रमिक स्वास्थ्य मेलों का आयोजन करेगी। इन मेलों की शुरुआत मंगलवार 28 अप्रैल से होगी और 4 मई तक विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बिना विकसित भारत का लक्ष्य संभव नहीं है, इसलिए इन मेलों के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मेले में स्त्री रोग, बाल रोग और नेत्र रोग विशेषज्ञों की अलग-अलग क्लीनिक संचालित होंगी। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में अधिक कैंप लगाए जाएंगे, जिसमें जिला प्रशासन, श्रम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भूमिका रहेगी। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष फोकस किया जाएगा।
गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाएगा, वहीं जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों से ऑनलाइन परामर्श भी लिया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने बताया कि सभी जिलों को विस्तृत गाइडलाइन भेज दी गई है और तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इन मेलों से श्रमिकों को समय पर इलाज मिलने के साथ बीमारियों की पहचान भी आसान होगी।




