
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश के गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के समय यदि किसी गोशाला में अव्यवस्था, उदासीनता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी गो-आश्रय स्थलों पर चारा, भूसा, पानी, प्रकाश, साफ-सफाई और चिकित्सा जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित हों। पराग के माध्यम से गोशालाओं को पौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही गोशालाओं को बेहतर संचालन के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया।
ठंड को देखते हुए मंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि गोवंश के बचाव हेतु त्रिपाल, अलाव और सुरक्षा उपाय पर्याप्त हों और चारा, भूसा या दवा की कमी से किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो। मंडल स्तरीय जनपदों की गोशालाओं में सीसीटीवी लगाने तथा वैक्सीन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया। नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7497 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 12,38,447 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। मंत्री ने अवस्थापना कार्यों में बजट समय पर खर्च करने, गुणवत्ता पर ध्यान देने और किसी भी मद में बजट सरेंडर न होने देने के निर्देश दिए। दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में मंत्री ने दुग्ध समितियों की कार्यप्रणाली सुधारने, पुरानी समितियां बंद न होने देने और भुगतान समय पर सुनिश्चित करने को कहा।




